Anandi gopal joshi biography in hindi

आनंदी गोपाल जोशी की Biography हिंदी में।

वो रो रही थी बिलख रही थी अपने बच्चे की मौत पे जो केवल 10 दिन के उम्र में दुनिया छोड़ के चला  गया,दोनों माँ और बाप पे कहर टूटने वाली बात थी कौन थी ये माँ, वो थी हमारे देश के पहली महिला डॉक्टर Anandi gopal joshi जो हमारे देश की पहली महिला डॉक्टर थी,शायद आपने ये नाम पहले नहीं सुना होगा।

 

मैंने भी डॉक्टर Anandi gopal joshi का नाम पहले नहीं सुना था,पर जब विश्व का सबसे बड़े search engine  Google ने उनका doodle बनाकर सम्मान किया,तब पूरा विश्व उनका नाम जान गया चलिए जानते डॉक्टर Anandi gopal joshi ने ऐसे क्या किया की वो विश्व में famaous हो गई।

Anandi gopal joshi biography hindi

जन्म

आनंदी गोपाल जोशी  का जन्म महारष्ट्र के पुणे शहर में 31 March 1865 में हुआ था,जैसे की पहले की प्रथा थी की लड़कियों को शिक्षा का भी अधिकार नहीं था उस समय डॉक्टर आनंदी गोपाल जोशी ने विदेश में जाकर पढाई complete किया और भारत देश का नाम रोशन किया था।

वैवाहिक जीवन 

आनंदी का शादी के पूर्व नाम यमुना था आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से माँ के द्वारा दबाव देने पर मात्रा ९ साल के उम्र में अपने से 20 साल बड़े महारष्ट्र  के कल्याण  में गोपाल राव जी से शादी करना पड़ गया , गोपाल राव जी कल्याण में postal clerk थे ,उन्होंने यमुना से नाम बदलकर आनंदी रख दिया।

गोपाल राव में एक खास बात ये थी,की उस ज़माने में भी वो महिला विकास और सशक्तिकरण के बारे में व्यापक सोच रखते थे ,शादी के कुछ समय बाद ही गोपाल राव और आनंदी जी को संतान प्राप्ति हुई पर कुछ दिनों बाद मात्र 10 दिन में उनकी संतान की अकाल मृत्यु हो गया, चूकि उस समय मेडिकल की सुविधा हमारे देश में कुछ ठीक नहीं थी और शायद मेडिकल की पर्याप्त सुविधा होने पर उनकी संतान की जान बच सकती थी।

संतान की मृत्यु ने उनको अंदर से झकझोर दिया और उन्होंने खुद मेडिकल के क्षेत्र में जाकर कुछ ऐसे काम करने का ठाना की ताकि बच्चो के मेडिकल सुविधा की कमी से बच्चो की  मृत्यु को रोक सके और इसके लिए उन्होंने खुद डॉक्टर बनने का प्रतिज्ञा लिया।

 

गोपाल राव का योगदान

डॉक्टर बनने के इस महायज्ञ को पूर्ण करने में उनके पतिदेव  का बहमूल्य योगदान रहा ,जब उन्होंने पेनिसिल्‍वेनिया विदेश जाकर पढाई करने का निर्णय लिया तो समाज में उनकी बहुत आलोचना हुई पर उन्होंने समाज के परवाह किये बैगर विदेश जाने का निर्णय लिया और विदेश जाने के उनके निर्णय को सही साबित करने में उनके पति गोपाल राव ने पूर्ण सहयोग दिया।

शैक्षणिक जीवन

आनंदी की रूचि को देखते हुए उनके पति गोपाल राव ने  United States के एक missionary royal wilder को पत्र लिखा की उनकी पत्नी आनंदी को मेडिसिन की पढाई की व्यवस्था कर दे साथ ही उनके लिए एक job की व्यवस्था भी,  Wilder ने Princeton missionary  में समाचार प्रकाशित किया,Thodysiyan Carpenter, जो Roswell, New Jersey के निवासी थीं, ने उनको एक दन्त चिक्तिसक की  आवश्यकता थी उन्होंने गोपाल राव की इस आवश्यकता के बारे में पढ़ा और उन्होंने आनंदीबाई की इच्छा और पति गोपालराव के समर्थन से प्रभावित होकर उन्होंने United States  में आनंदीबाई के लिए आवास की पेशकश की।

कलकत्ता में रहते गोपाल राव और आनंदी,आनंदी के स्वस्थ को लेकर बहुत समस्याओ का सामना करना पड़ा इस दौरान आनंदी को कमजोरी, सिरदर्द,  बुखार और सांस का problem था,इसी बीच 1883  में गोपाल राव का ट्रांसफर सेरामपुर हो गया,ख़राब स्वास्थ के बावजूद गोपाल राव ने Anandi gopal joshi को शिक्षा के लिए United States भेजने का निर्णय किया।

 

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अमेरिकी जीवन और स्नातक 

Anandi gopal joshi ने पानी जहाज से कलकत्ता से न्यूयोर्क सफर शुरू किया, जून 1883 वहां पहुंची, जहाँ Theodicia Carpenter से  Anandi gopal joshi मिली । Anandi gopal joshi ने Pennsylvania की Woman Medical College में अपने medical program में भर्ती होने के लिए letter लिखा ,कॉलेज के Dean Rachel ने उन्हें nominated किया।

19 वर्ष के आयु में उन्होंने अपना मेडिकल लाइफ शुरू किया खराब स्वास्थ होने के बावजूद 11 मार्च 1885 को MD के उपाधि के साथ graduate किया,उनका thesis का  subject “Obstetrics among the Aryan Hindus” था।graduate होने पर बालगंगाधर तिलक और Queen Victoria ने बधाई सन्देश भेजा।

 

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मातृ भूमि वापसी और सम्मान

1886 में भारत लौटने पर जोरदार स्वागत हुआ और कोल्हापुर में Albert Edward हॉस्पिटल. में female वार्ड का फिजिशियन वार्ड  का इंचार्ज बनाया गया।

मृत्यु 

भारत वापसी के के 1 साल बाद 1887  में ही तपेदिक से उनकी मृत्यु हो गई,जो मिशन लेकर उन्होंने पढाई पूरी की वो अधूरी रह गई पर उन्होंने हमारे देश और महिलाओ के लिए एक उदहारण प्रस्तुत किया, और महिलाओ को सिख प्रस्तुत की हमारे भारत देश की महिलाये भी   किसी से कम नहीं है ।

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आपका मित्र

शशांक द्विवेदी

www.hinditechtalk.com

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